T1290_Shree Kumar Rastogi
"साधक की मर्यादित साधना इंद्रियजनित विकारों पर विजय ही यथार्थ संदर्भ में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का प्रतिनिधित्व करती है, पदार्थ प्रियता मद और अहंकार को प्रतिबिंबित करने वाला स्वरूप ही रावण का प्रतिबिंब है, विजयदशमी राम द्वारा इसी रावण के संधान का पर्व है।"
"साधक की मर्यादित साधना इंद्रियजनित विकारों पर विजय ही यथार्थ संदर्भ में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का प्रतिनिधित्व करती है, पदार्थ प्रियता मद और अहंकार को प्रतिबिंबित करने वाला स्वरूप ही रावण का प्रतिबिंब है, विजयदशमी राम द्वारा इसी रावण के संधान का पर्व है।"

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