T125_Shree Kumar Rastogi
"अपने अंत: करण, अपनी मनोवृत्तियों पर संयम एवम् उस पर विजय हेतु संधान ही सच्चे अर्थों में विजयादशमी उत्सव है, जो हमें निरंतर सन्मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।"
"अपने अंत: करण, अपनी मनोवृत्तियों पर संयम एवम् उस पर विजय हेतु संधान ही सच्चे अर्थों में विजयादशमी उत्सव है, जो हमें निरंतर सन्मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।"
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