T94_Shree Kumar Rastogi

 
"अपने भावों का सबसे सारगर्भित संप्रेषण अपनी मातृ-भाषा के अतिरिक्त कहीं और संभव नहीं है,

 मातृ-भाषा संप्रेषण में व्यक्ति को मातृत्व वात्सल्य की अनूठी अनुभूति होती है।"


  "हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं"

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