T2_Shree Kumar Rastogi
"निंदा एवम् आलोचनाओं से घबराकर कभी भी अपने लक्ष्य से विचलित नहीं होना चाहिए,
लक्ष्य प्राप्ति होते ही सारे निंदक प्रशंसक में बदल जाते है।"
"निंदा एवम् आलोचनाओं से घबराकर कभी भी अपने लक्ष्य से विचलित नहीं होना चाहिए,
लक्ष्य प्राप्ति होते ही सारे निंदक प्रशंसक में बदल जाते है।"
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